नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक नए मिशन की घोषणा की। यह मिशन चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ISRO की अगली बड़ी पहल है।
मिशन की मुख्य विशेषताएं
ISRO के अनुसार, इस नए मिशन में कई नए वैज्ञानिक उपकरण शामिल होंगे जो चंद्रमा की सतह पर पानी की बर्फ की खोज करेंगे। साथ ही, इस मिशन में एक रोवर भी होगा जो दक्षिणी ध्रुव के कठिन इलाके में 500 मीटर तक की यात्रा करेगा।
"यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नई अध्याय की शुरुआत है। हम चंद्रमा पर मानव मिशन भेजने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।" - ISRO अध्यक्ष
तकनीकी जानकारी
- लॉन्च वाहन: GSLV Mk III
- लॉन्च की तारीख: दिसंबर 2025 (अनुमानित)
- मिशन अवधि: 14 दिन (एक चंद्र दिवस)
- लैंडिंग स्थल: चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव (Shiv Shakti Point के पास)
- बजट: लगभग ₹2,500 करोड़
वैश्विक प्रतिक्रिया
इस घोषणा पर दुनिया भर से प्रतिक्रिया आई है। NASA के प्रमुख ने ट्वीट कर कहा कि "भारत का यह कदम अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नई ऊर्जा लाएगा।" रूस, जापान और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने भी भारत को बधाई दी है।
चंद्रयान-3 की सफलता
गौरतलब है कि अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बना था। प्रज्ञान रोवर ने कई महत्वपूर्ण खोजें की थीं, जिसमें सल्फर की पुष्टि भी शामिल थी।
- चंद्रयान-1 (2008) - इमपैक्ट प्रोब
- चंद्रयान-2 (2019) - ऑर्बिटर सफल, लैंडर क्रैश
- चंद्रयान-3 (2023) - पूर्ण सफलता
- चंद्रयान-4 (2025) - आगामी मिशन



Comments (45)
बहुत बढ़िया खबर! ISRO को बधाई। भारत का मान बढ़ रहा है। 🇮🇳
Great news! When is the expected launch date? Can't wait to see India's progress in space.
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद से ही इसका इंतज़ार था। जय हिंद!